1पीपासर
यहां सन 1451 की कृष्ण जन्माष्टमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान का जन्म हुआ था।
गुरु जम्भेश्वर भगवान से जुड़े आठ पवित्र धाम
1यहां सन 1451 की कृष्ण जन्माष्टमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान का जन्म हुआ था।
2यहां पर सन 1485 की कार्तिक बदि अष्टमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान ने बिश्नोई धर्म की स्थापना की।
3यहां गुरु जम्भेश्वर भगवान की समाधि स्थित है।
4यहां पर खेजड़ी वृक्ष के नीचे सन 1536 की मार्गशीर्ष कृष्णा नवमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान ने निर्वाण पद को प्राप्त किया।
5यहां पर गुरु जम्भेश्वर भगवान के चोळा, चिम्पी तथा भिक्षा पात्र रखे हुए हैं।
6यहां पर गुरु जम्भेश्वर भगवान ने तीर्थ स्थल का निर्माण करवाया जो पहले लुप्त हो चुका था।
7यहां पर सन 1515 में गुरु जम्भेश्वर भगवान ने ऊमा का भात भरा था तथा राव दूदा का खांडा (तलवार), जो गुरु जम्भेश्वर भगवान ने उन्हें प्रदान किया था, आज भी यहां सुरक्षित रखा हुआ है।
8भगतों के आग्रह पर गुरु जम्भेश्वर भगवान यहाँ पधारे थे तथा इस क्षेत्र में खेजड़ी का वृक्ष लगाया था।