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गुरु जम्भेश्वर भगवान

अष्टधाम

गुरु जम्भेश्वर भगवान से जुड़े आठ पवित्र धाम

8 धाम
पीपासर1

पीपासर

नागौर तहसील, नागौर जिला, राजस्थान

यहां सन 1451 की कृष्ण जन्माष्टमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान का जन्म हुआ था।

समरथाल धोरा2

समरथाल धोरा

नोखा तहसील, बीकानेर जिला, राजस्थान

यहां पर सन 1485 की कार्तिक बदि अष्टमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान ने बिश्नोई धर्म की स्थापना की।

मुकाम3

मुकाम

नोखा तहसील, बीकानेर जिला, राजस्थान

यहां गुरु जम्भेश्वर भगवान की समाधि स्थित है।

लालासर साथरी4

लालासर साथरी

नोखा तहसील, बीकानेर जिला, राजस्थान

यहां पर खेजड़ी वृक्ष के नीचे सन 1536 की मार्गशीर्ष कृष्णा नवमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान ने निर्वाण पद को प्राप्त किया।

जांगलू5

जांगलू

नोखा तहसील, बीकानेर जिला, राजस्थान

यहां पर गुरु जम्भेश्वर भगवान के चोळा, चिम्पी तथा भिक्षा पात्र रखे हुए हैं।

जाम्भोळाव तालाब6

जाम्भोळाव तालाब

बाप तहसील, फलौदी जिला, राजस्थान

यहां पर गुरु जम्भेश्वर भगवान ने तीर्थ स्थल का निर्माण करवाया जो पहले लुप्त हो चुका था।

रोटू7

रोटू

जायल तहसील, नागौर जिला, राजस्थान

यहां पर सन 1515 में गुरु जम्भेश्वर भगवान ने ऊमा का भात भरा था तथा राव दूदा का खांडा (तलवार), जो गुरु जम्भेश्वर भगवान ने उन्हें प्रदान किया था, आज भी यहां सुरक्षित रखा हुआ है।

लोदीपुर8

लोदीपुर

मुरादाबाद जिला, उत्तर प्रदेश

भगतों के आग्रह पर गुरु जम्भेश्वर भगवान यहाँ पधारे थे तथा इस क्षेत्र में खेजड़ी का वृक्ष लगाया था।