तीस दिन का सूतक रखना।
बच्चे के जन्म के बाद माँ द्वारा 30 दिनों तक घर का कोई काम न करना।
गुरु जंभेश्वर भगवान द्वारा दिए गए 29 नियम ।
बच्चे के जन्म के बाद माँ द्वारा 30 दिनों तक घर का कोई काम न करना।
मासिक धर्म के पाँच दिनों तक महिला द्वारा घर का कोई काम न करना।
प्रतिदिन सवेरे स्नान करना।
संयम रखना, चरित्र की पवित्रता बनाए रखना तथा पति को पत्नीव्रत और पत्नी को पतिव्रता धर्म का पालन करना।
बाह्य और आन्तरिक पवित्रता रखना।
संध्या समय आरती और हरिगुण गाना।
हित, चित और प्रीति के साथ प्रतिदिन हवन करना।
व्यर्थ के वाद-विवाद का त्याग करना।
जीवों के प्रति दया रखना।
हरा वृक्ष नहीं काटना।
काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि विकारों को जलाकर नष्ट करना।
रसोई (भोजन) अपने हाथ से बनाना।
नर भेड़-बकरों को कसाइयों के हाथों में न देना। उनका अलग झुंड बनाकर उन्हें प्राकृतिक अवस्था में रहने देना।
बैल को नपुंसक न बनाना।
मांस और शराब का सेवन न करना।
नीला वस्त्र व नील का त्याग करना।
उणतीस धर्म की आखड़ी, हिरदै धरियो जोय ।
जाम्भेजी कृपा करी, नाम विश्नोई होय ।