ग्रंथ एवं अन्य रचनाएं
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प्रातः सायंकाल के होम मन्त्रः
वृहन्नवणम् (सन्ध्या मंत्र) (नवण)
यज्ञ पूर्ण आहुति मन्त्र
धूप मन्त्र
कलश पूजा
पाहल प्रारम्भ
पाहल ग्रहण मन्त्र
साधु गुरु मन्त्र
गृहस्थ गुरु मन्त्र (सुगरा मन्त्र)
बालक मन्त्र
छन्द:- जंभ ब्रह्म सनातन
चौपाई - जैमे भानु उदय उजियारो।
उन्नतीस नियम
श्री संत वील्होजी कृत बत्तीस आखड़ी
कवित - आदि अनादि युगादि को योगी
छप्पय :- जम्भ गुरु जगदीश, ईश नारायण स्वामी
कवित :- जोगी जंभ देव जटा जूट धारी
छप्पय:- श्री गुरु जांभा शिष्य भक्त रणधीर भंडारी।