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गुरु जम्भेश्वर भगवान
संग्रह3 / 18

रचना 3

यज्ञ पूर्ण आहुति मन्त्र

दोनों मन्त्रों को तीन बार पढ़कर आहुति दें।

ओ३म् पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।। ओ३म् सर्ववै पूर्ण स्वाहा ।।

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः