तीस दिन का सूतक रखना।
बच्चे के जन्म के बाद माँ द्वारा 30 दिनों तक घर का कोई काम न करना।

श्री गुरु जंभेश्वर भगवान विश्नोई पंथ के संस्थापक थे । गुरु जम्भेश्वर भगवान को हम जाम्भोजी नाम से भी जानते हैं । उनका जन्म सन 1451 की कृष्ण जन्माष्टमी को हुआ था । उनका जन्म राजस्थान के पीपासर नामक गांव में हुआ था । उनकी माता का नाम श्रीमती हंसा देवी तथा पिता का नाम श्री लोहट पंवार था । गुरु जंभेश्वर विष्णु भगवान के अवतार थे । 7 वर्ष की आयु तक वे मौन रहे । 27 वर्ष की आयु तक उन्होंने गौ माता की सेवा की । 34 वर्ष की आयु में सन 1485 की कार्तिक बदि अष्टमी के दिन उन्होंने विश्नोई पंथ की स्थापना की । 12 करोड़ जीवों का उद्धार करके कंकेड़ी वृक्ष के नीचे सन 1536 की मार्गशीर्ष कृष्णा नवमी के दिन गुरु जम्भेश्वर भगवान ने स्वेच्छा से निर्वाण पद को प्राप्त किया। विश्नोई वे लोग होते हैं जो गुरु जंभेश्वर भगवान द्वारा दिए गए 29 नियमों का पालन करते हैं ।
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गुरु जम्भेश्वर भगवान के मुख से उच्चरित 120 पावन शब्द।