भजन 7
ठुमक-ठुमक देखो आवे जम्भराज
ठुमक-ठुमक देखो आवे जम्भराज, हंसा जो मगन भई देख्यो ऐसो साज ।
आगे आगे गऊआं चाले, पीछे चाले ग्वाल, सारां बीचे चाले हंसा लोहटजी रो लाल । 1।
आवत देखी गऊआं नगर की नार, हंसा आगे सखियां करे पुकार । 2।
सिर पे सुहावे टोपी, गले काली माल, कांधे धर गेडी चाले, अद्भुत चाल । 3।
बोले नहीं मुखड़े सूं करे सब काज, लीला ज्यारी लखी नहीं, पीपासर समाज । 4।
पूर्ण ब्रह्म रूप धार लियो भेष, पार नहीं पावे, ब्रह्मा विष्णु महेश । 5।
ओ ही लोहट सुत, ओ ही कृष्णमुरार, सेवक आलम गुण रहयो उचार । 6।