भजन 16
द्वार पे गुरुदेव के हम आ गए
द्वार पे गुरुदेव के हम आ गए ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए।। टेर।।
देखलो हमको भला दर्शन हुआ प्रेम हिरदे में मगन प्रसन्न हुआ
हर तरफ आनन्द ही आनन्द छा गए।
ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए।। 1।।
भाव श्रद्धा के सुमन अर्पण करें रात दिन हरि हरि सुमरण करें मंत्र सतगुरुजी हमें बतला गए।
ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए।। 2।।
प्रीत चरणों में बनी हमकी रहे भजन करने में लगन सबकी रहे
ज्ञान सतगुरुजी यही बतला गए ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए।। 3।।
रामकरण का ध्यान छूटे नहीं तार जो इकतार ये टूटे नहीं
सतगुरु बिना मोक्ष नहीं,बतला गए
ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए।। 4।।