मुख्य सामग्री पर जाएँ
गुरु जम्भेश्वर भगवान
संग्रह
शब्द 36 / 120

छपय

काजी कथै कुरान कूं, पण्डित वाचै वेद।

इनके ज्ञान उपज्या नहीं, मिटा न संसृत खेद।

शब्द 36

ओ३म् काजी कथै कुराणों, न चीन्हों फरमांणों, काफर थूल भयाणों।

जइया गुरु न चीन्हों, तइया सींच्या न मूलूं, कोई कोई बोलत थूलूं।