शब्द 37भावार्थ देखेंओ३म् लोहा लंग लुहारूं, ठाठा घड़ै ठठारूं, उत्तम कर्म कुम्हारूं।जइयां गुरु न चीन्हों, तइयां सींच्या न मूलूं, कोई कोई बोलत थूलूं।