शब्द 48
ओ३म् लक्ष्मण लक्ष्मण न कर आयसां, म्हारे साधां पड़ै बिराऊं। लक्ष्मण सो जिन लंका लीवी, रावण मार्यो ऐसो कियो संग्रामूं।
लक्ष्मण तीन भवन का राजा, तेरे एक न गाऊं। लक्ष्मण के तो लख चौरासी जीया जूणी, तेरे एक न जीऊं।
लक्ष्मण तो गुणवंतो जोगी, तेरे बाद विराऊं। लक्ष्मण का तो लक्षण नांही, शीस किसी विध नाऊं।