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गुरु जम्भेश्वर भगवान
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शब्द 59 / 120

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जमात कहै सुण देवजी, कृपा करो महाराज।

विन शास्त्र कछु है नहीं, ता विन सझे न काज।

शब्द 59

ओ३म् पढ़ कागल वेदूं शास्त्र शब्दूं, भूला भूले झंख्या आलूं। अहनिश आव घटंती जावै, तेरा सास सबी कसवारूं।

कइया चंदा कइया सूरूं, कइया काल बजावत तूरूं। उहर्क चन्दा निरधक सूरूं, सुन घट काल बजावत तूरूं।

रक्तस बिन्दू परहस निंदू, आप सहै तेपण बूझे नहीं गवारूं।