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गुरु जम्भेश्वर भगवान
संग्रह38 / 94

तीसरा अध्याय · कथा 38

सुपात्र एवं कुपात्र विचार

एक वीसनोई न कुपात्र कह्यो जीमाया दाव जीह प धरम थ। कुपात्र ने जीमायो। जाम्भेजी कह्यो बुरो किया। जमाति कहे देवजी, सुपात्र कुपात्र को विचार कहो। जाम्भोजी श्री वायक कहे-

शब्द-56 ओ३म् कुपात्र कूं दान जु दीयो, जांणै रैंण अंधेरी चोर जु लीयो।

चोर जु लेकर भाखर चढ़ियो, कह जिवड़ा तैं कैनें दीयो।

दान सुपाते बीज सुखेते, अमृत फूल फ लीजैं।

काया कसौटी मन जो गूंटो, जरणा ढाकण दीजै।

थोड़े मांहि थोड़ैरो दीजै, होते नाह न कीजै।

जोय जोय नाम विष्णु के बीजै, अनंत गुणा लिख लीजै।

एक बिश्नोई ने देवजी के पास आकर पूछा-हे देवजी! भोजन करवाना धर्म ही है। वह चाहे कुपात्र हो या सुपात्र, ऐसा मेरा सुनना है। इसलिए मैंने तो कुपात्र या सुपात्र का विचार किये बिना भोजन कराया है? जाम्भोजी ने कहा-तुमने अच्छा नहीं किया। पास में ही उपस्थित जमाती लोग कहने लगे-हे देव! आप हमें सुपात्र एवं कुपात्र के बारे में विचार बतलाओ। तब श्रीदेवजी ने शब्द उच्चारण किया-

हे लोगो! यदि आप जानते हुए भी कि यह व्यक्ति कुपात्र अर्थात् मांस मदिरा नशे आदि का सेवन करता है तथा अहंकारी, कपटी, ठग, कलुषित मन बुद्धि वाला, असंतोषी है तो आपका दिया हुआ दान तो चोर ही ले गया। चोर आपके धन को लेकर पहाड़ पर चढ़ गया है। जैसे अंधेरी रात में चोर ले जाता है।

इस जीव को पूछा जायेगा कि दान किसको दिया। यदि दान देना है तो सुपात्र को दे। जिस प्रकार से उत्तम खेती में समय पर बोया हुआ बीज फूलता-फलता है। उसी प्रकार से आपका दिया हुआ सुपात्र को दान फूलता फलता है, वह अमृत हो जाता है।

जिस सज्जन पुरुष ने अपनी काया तो तपस्या रूपी कसौटी पर लगा दी हो। उस कसौटी पारख में काया खरी उतरी हो तथा मन को एकाग्र करके जो ईश्वर के ध्यान में मग्न होता हो, अजर जो सदा ही जलाने वाला, काम क्रोध, लोभ, मोह,राग,द्वेष आदि को जला दिया हो, उनकी राख पर भी संतोष, शांति, दया, करुणा रूपी ढ़क्कन लगा दिया हो, वही सुपात्र है। ऐसे सुपात्र को दिया हुआ दान सफल होता है।

सुपात्र को देने के लिए आपके पास यदि थोड़ा है तो थोड़े में से थोड़ा ही दीजिये। पास में होते हुए सुपात्र के लिए ना न कीजिये। जिस प्रकार से विष्णु का नाम लिया हुआ अनन्त गुणा फलदायक होता है। सभी पापों का नाश कर देता है। उसी प्रकार से सुपात्र को दिया हुआ दान भी अनन्तगुणा फलदायक होकर पापों की राशि को जलाकर भष्म कर देगा।