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साखी-133
ओ जापियो रे जी भाई मोमणो, हम घड़ी वेलां आए
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ओ जापियो रे जी भाई मोमणो, हम घड़ी वेलां आए
हम उन मेलो करि गुरु कायमा,जाणो अटसठ तीर्थ न्हाए ।
जो पुन अटसठ जी भाई तीर्थों, गुरु सुभ्यागत म्हारौ
देवदयालजी भाई मोमणो, देतन करौ उधारो ।
जैसा सुपना जी भाई रैणका, ऐसा यो संसारो
कांई भाई मोमीणो ओ धन संचो, संच संच छलौ बुखारो ।
ओ धन खीक जी भाई होयसी, खाली रह्या बुखारो
दुल दुल घोड़ो जी भाई साखती, हीय कायम असवारो ।
वसुधा कँवारी जी भाई परणसी, आप कृष्ण मुरारो