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गुरु जम्भेश्वर भगवान
कवि सूची1 / 48

कवि परिचय

अज्ञात कवि (प्रारम्भिक हजूरी साखियां)

2 साखियाँ

परिचय

संस्कृत में साक्षी शब्द को ही बोलचाल की मरूभाषा में साखी कहते है। इनमें कुछ साखियां तो गुरु जाम्भेश्वर जी की विद्यमानता में ही गुरु देव को लक्ष्य करके कही गई है तथा कुछ साखियों की रचना उतर काल में हुई है। यहां पर सर्वप्रथम हम उन अज्ञात कवियों की प्रसिद्ध साखियों का भावार्थ प्रस्तुत कर रहे है। उस समय के प्रत्यक्ष दृष्टा तथा यथार्थ वक्ता थे। गुरुदेव का दर्शन तथा शब्द श्रवण करके अपने को धन्य मानते हुए किसी सन्त हृदय महापुरुष ने लोगों को सचेत करते हुए तथा सम्भराथल पर चलने का आह्वान करते हुए कहा है।

इनकी साखियाँ