कवि परिचय
अज्ञात कवि
1 साखियाँ
परिचय
सौलहवीं शताब्दी। इस साखी के चार छन्द है। इस साखी में मन को समझाते हुए कवि कहता है कि हे मन ! तूं सांसारिक वासनाओं को त्यागकर अमृत रूपी परमात्मा की तरफ बढ़-
कवि परिचय
1 साखियाँ
सौलहवीं शताब्दी। इस साखी के चार छन्द है। इस साखी में मन को समझाते हुए कवि कहता है कि हे मन ! तूं सांसारिक वासनाओं को त्यागकर अमृत रूपी परमात्मा की तरफ बढ़-