कवि परिचय
अज्ञात कवि
1 साखियाँ
परिचय
ये हजूरी कवि थे। इस साखी में कोई कन्या अपनी मां से कह रही है कि हे मां ! गुरु की सेवा ही भगवान की सेवा है परन्तु कई लोग न जानें क्यों निंदा भी करते है। इस साखी में भक्ति तथा गुरु महिमा का वर्णन हुआ है।
कवि परिचय
1 साखियाँ
ये हजूरी कवि थे। इस साखी में कोई कन्या अपनी मां से कह रही है कि हे मां ! गुरु की सेवा ही भगवान की सेवा है परन्तु कई लोग न जानें क्यों निंदा भी करते है। इस साखी में भक्ति तथा गुरु महिमा का वर्णन हुआ है।