कवि परिचय
अज्ञात कवि
1 साखियाँ
परिचय
हजूरी इस साखी में कवि ने बतलाया है कि जिस दिन इस शरीर से हंस उड़ जायेगा तो यह देह मृत यानि अन्धकारमय हो जायेगी इसलिये जब तक ज्योति अन्दर विद्यमान है तब तक कुछ किया जा सकता है। यह साखी प्रायः सोरठ राग में गायी जाती है।