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गुरु जम्भेश्वर भगवान
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शब्द 100 / 120

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एक राजा तब आयकै, ऐसी कही जो बात।

अर्थ दर्ब वाहन घणां, सुनिये सतगुरु बात।

शब्द 100

ओ३म् अर्थूं गर्थूं साहण थाटूं, कूड़ा दीठा ना थाटों। कूड़ी माया जाल न भूलीरे राजेन्द्र, अगली रही ओजूं की बाटों।

नव लख दांताला बार करीलो, बार करे कर बंद करीलो। बंद करै कर दान करीलो, दान करै कर मन फूलीलौ।

तंत मंत बीर बेताल करीलो, खायबा खाज अखाजूं। निरह निरंजन नर निरहारी, तऊ न मिलबा झंझा भाग अभागूं।