शब्द 32
ओ३म् कोड़ गऊ जे तीरथ दानों, पंच लाख तुरंगम दानों। कण कंचन पाट पटंबर दानों, गज गेंवर हस्ती अति बल दानों।
करण दधीच सिंवर बल राजा, श्री राम ज्यूं बहुत करै आचारूं।
जां जां बाद विवादी अति अहंकारी, लबद सवादी। कृष्ण चरित बिन, नाहि उतरिबा पारूं।
रामों सुराणों बाणियों, बसै शहर नागौर।
जमात गई नागौर में, करने लाग्यो झोर।