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गुरु जम्भेश्वर भगवान
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शब्द 39 / 120

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तब ही आयस यूं कही, जम्भगुरु सूं बात।

जोग जुगत श्रीय हुवै, हमें बतावो तात।

शब्द 39

ओ३म् उत्तम संग सूं संगूं, उत्तम रंग सूं रंगूं, उत्तम लंग सूं लंगूं।

उत्तम ढ़ंग सूं ढ़ंगूं, उत्तम जंग सूं जंगूं, तातै सहज सुलीलूं। सहज सुं पंथूं, मरतक मोक्ष दवारूं।