शब्द 81भावार्थ देखेंओ३म् भल पाखण्डी पाखण्ड मंडा, पहला पाप पराछत खंडा।जां पाखण्डी के नादे वेदे, शीले शब्दे बाजत पौण। तां पाखण्डी ने चीन्हत कौण, जाकी सहजै चूकै आवा गौण।