शब्द 88भावार्थ देखेंओ३म् गोरख लो गोपाल लो, लाल ग्वाल लो, लाल लिलंग देवो। नव खंड पृथिवी प्रगटियो, कोई विरला जाणत म्हारी आद मूल का भेवों।