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गुरु जम्भेश्वर भगवान
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शब्द 89 / 120

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इंह बाजो पूछत भयो, प्रश्न भये गुरु देव।

साहब शब्द उच्चारियों, सकल बतायो भेव।

शब्द 89

ओ३म् उरधक चन्दा निरधक सूरूं, नवलख तारा नेड़ा न दूरूं। नव लख चंदा नव लख सूरूं, नव लख धंधु कारूं।

तांह परेरै तेपण होता, तिंहका करूँ विचारूं।