कवि परिचय
रैदास (रविदास) धतरवाल
1 साखियाँ
परिचय
जन्म वि. सं. 1530-1600 के मध्य अनुमानित है। ये गृहस्थ बिश्नोई जाम्भोजी के शिष्य थे। सत्संग सुनने और सुनाने के प्रेमी थे। यत्र-तत्र भ्रमणशील भी थे। इनके द्वारा रचित तीन हरजस एवं एक साखी है। इनकी यह प्रसिद्ध साखी विणजारियां दी जा रही है। इस साखी से ही इनका आचार-विचार एवं कवित्व का पता चलता है।