कवि परिचय
भींवराज
2 साखियाँ
परिचय
जन्म 1530-1600 मध्य अनुमानित है। इनका दूसरा नाम भींया है। इनको ही जाम्भेश्वर जी ने सोवनी नगरी दिखाई थी। चितौड़ की कथा में भीमराज का नाम आता है। ये काशी में पढ़े हुए शास्त्रज्ञ थे। गुरु जाम्भोजी के शरण में आकर बिश्नोई पंथ में सम्मिलित हुए थे। इनके द्वारा रचित दो साखियां उपलब्ध है।