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गुरु जम्भेश्वर भगवान
कवि सूची11 / 48

कवि परिचय

आसनोजी

1 साखियाँ

परिचय

विक्रम संवत् 1500-1600 के मध्य है ये महलाणा गांव के सोढ़ा जाति के भाट थे। जाम्भेश्वर जी के धर्म नियम से प्रभावित होकर शिष्य बन गये थे। ये गायन विद्या में प्रवीण थे। जाम्भोजी ने यह कार्य भी उन्हें सौंपा भी था। कालान्तर में बही लिखने का कार्य भी करने लगे थे। अभी भी इनके वंशज महलाना में यह कार्य कर रहे है। लूर में इनका नाम आता है। हरजस के अन्तर्गत इनका गाया हुआ मल्हार राग में एक झूमखो है जो फूलों का एक गुलदस्ता है वह गुरुदेव को समर्पित किया है। कवि के पास गुरु को समर्पित करने को और सबसे बड़ा उपहार क्या हो सकता है।

इनकी साखियाँ