कवि परिचय
समसदीन जी
3 साखियाँ
परिचय
विक्रम संवत् 1490-1550 में इन्होनें अपना जीवन यापन गुरु जाम्भोजी की शरण ग्रहण करके किया था। ये नागौर के मुसलमान थे। जाम्भोजी के दिव्य अलौकिक लीला देखकर शिष्य बन गये थे। उन्होनें अपने जीवन काल में दो साखियों की रचना की थी ये दोनों ही साखियां अच्छी मानी जाती है ये हजूरी कवि थे।