कवि परिचयरामकरण जी पूनियां4 साखियाँइनकी साखियाँ1साखी - कवि रामकरणजाम्भोजी संभराथले, बेठा आसन धार2साखी (बीरबल खीचड़ की), छप्पइया, दूसरी साखीसतयुग धर्म विशेष, चार पेर बतलाया3साखी-निहालचन्दलख चौरासी जूण, सब भगवंत की रचना4जागरणपहलो जम्मलो संभराथल पर, जाम्भोजी आप रचायो जीवनै