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गुरु जम्भेश्वर भगवान
कवि सूची40 / 48

कवि परिचय

अज्ञात कवि

20 साखियाँ

इनकी साखियाँ

1

साखी कणां की-14

साधे मोमणे कियो छै इलोच, जुमलो रचावियो

2

साखी कणां की-15

गुरु भाईयों

3

साखी कणां की-16

गुरु कायमा

4

साखी छंदां की-17

रे मन मीठा लोभ पइठा, लिखूं सूं मन्यसा काची

5

साखी कणां की-18

मेरी अंखियां फरूकै जी, काग करूंकै आंगणै

6

साखी छन्दां की-19

सतगुरु आयो मोमणों महरि करि, सुरनऊ विनऊ साच

7

साखी छंदां की राग आसावरी-20

तरण तारण जम्भराज आवियो, तेतीसां प्रतिपाल

8

साखी छन्दां की राग आसावरी-21

मैं गुरु पेख्या री माय, सोई सतगुरु त्रिभुवण को राव री

9

साखी छन्दां की राग गवड़ी-22

आखिर आखिर लेखो मोमण मांगिये, घर घर फिरै नकीबा

10

साखी राग सोरठ छन्दां की-23

जुग मां जलम लियो मेरा जीयो, वसियो आय बसेरो

11

साखी राग सोरठ छन्दां की-24

जां दिन हंस चलै मेरा जी हो, कुड़ी अंधियारो होई

12

साखी-46 (अज्ञात कवि)

सत्य सुपन्तर दीठड़ा, सखी मेरे मन्य उपज्यौ सतभाव

13

साखी-47 (अज्ञात कवि)

आग्यम जो अग्यान क्रत जुग रोप करे, सेंसकला सरबंगी

14

साखी-49 (अज्ञात कवि)

मुंधे मुख दस मास, ओदर मांय रहयौ

15

साखी-50 (अज्ञात कवि)

लाडे गोरी वर सांवलौ, सीध व्याह संजोया

16

साखी अज्ञात-55

जुल्य चालो मेरो भाइड़ा, इण्य पंथड़ल पीयार

17

साखी-120 (अज्ञात कवि कृत)

उतर दिसा दोय मोमीण आया, घर पुछावै रूड़े साध को

18

साखी-121 (अज्ञात)

म्हार गुर क पंथ न्यै जुवल्या मेरा बाबा, जांका हरीया भाग

19

साखी-123 (अज्ञात)

ओ जपीयो जी भाई मोमीणौ, हम घर वीरण आए

20

साखी-124 (अज्ञात)

कल्यजिग देवजी को चिलत वखाण्य, पनरासरि तिराणवै